Thursday, May 10, 2012

mere dil kee

मेरे खाबों की मलिका हो , रानी हो तुम ,
मेरे दिल की तमन्ना पुरानी हो तुम .   

मैं मुकम्मल बहारों को बाँहों में ले ,
चलता आया हूँ तुमको निगाहों में ले .
मेरे जीवन की अंतिम जवानी हो तुम ,
मेरे दिल की ................................ .. 

चाँद-तारों से भी खूबसूरत हो तुम ,
एक लचकती मचलती सी मूरत हो तुम .
मेरे यौवन की अंतिम रवानी हो तुम .
मेरे दिल की .................................... .. 

मोरनी - हिरनियों सी चहकती हो तुम ,
सौ गुलाबों -सी हर पल महकती हो तुम . 
मेरी साँसों की सरगम सुहानी हो तुम .
मेरे दिल की ...................................  .. 

यूं तितलियों, परिंदों -सी उडती हो तुम ,
मेरी आहों को सुन-सुन के  मुडती हो तुम .
रंगे उल्फत की अंतिम निशानी हो तुम ,
मेरे दिल की ..................................... ..


तुम किसी रोज ऐसी भी जुर्रत करो ,
लब को लब से मिलाने की हिम्मत करो .
मैं तुम्हें यूं जकड़ता ,पकड़ता रहूँ 
और तू खुद को छुडाने की शिद्दत करो .

उम्र के दूर जाने से  पहले मिलो 
मेरे पतझड़ के आने से पहले मिलो . 
एक हसीं शोख चंचल कली हो मगर 
मेरी बाहों की शाखों पे आकर खिलो . 
इश्क की मेरी अंतिम कहानी हो तुम .
मेरे दिल ........................................ .. 

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